विवरण
आखिरी वक्त में तय हुआ कि बंधकों की अदला-बदली को लेकर आतंकियों से बातचीत नहीं की जाएगी बल्कि सैन्य अभियान के जरिए उन्हें रिहा कराया जाएगा. आपके दस्ते को एक कार्य पूरा करने के लिए भेजा गया है। आप नहीं जानते कि क्षेत्र में कितने आतंकवादी हैं, इसलिए हर समय तैयार रहें।प्लैटफ़ॉर्म
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जारी किया गया
05 दिसंबर 2018
अंतिम अपडेट
05 दिसंबर 2018