हॉरर गेम्स
डरावनी गेम्स तीन तरह की होती हैं। कुछ में पीछा करने वाले से बस छिपना होता है, और कोई भी आवाज़ पकड़वा देती है। कुछ में सुबह 6 बजे तक कैमरों और दरवाज़ों पर नज़र रखनी होती है। कुछ में वही जाना-पहचाना गलियारा बार-बार लौटता है, और काम होता है देखना कि उसमें क्या बदला है।